मंगलवार, 7 नवंबर 2017

भारत में अंग्रेजी राज ना होता तो कट्टरपंथी हिन्दू और इस्लाम शासक दुर्बल वर्ण और नारी जाति पर दमनकारी परंपराओं को आज भी लादे होते ,और इन्हें शिक्षा से वंचित रखते,।
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आजादी के इक्कत्तर वर्षों के वाद भी कुछ राज्यों का मौजूदा हालात में शिक्षा का गिरता स्तर, गिरती कानून व्यवस्था इन शंकायो के प्रत्यक्ष प्रमाण है।
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🐫 अंग्रेजों को बुरा क्यों कहते हो, उन्होंने इंसानियत के लिए जो अल्पकाल मे कर दिया, हिन्दू और मुस्लिम शासक युगों युगान्तर में भी नहीं कर सके,और जो वो दे गये उस पर आज के शासक गर्रा रहे हैं ,और ऊधम मचाये हुए है ।
🐫 अच्छे कार्यों, अच्छे शासक और अच्छे भूतकाल का आदर भविष्य के प्रगतिमार्ग प्रशस्त करता हैं, फिर भी ना जाने क्यों लोग सत्य को झूठलाते हैं❓
🐫 ना समझ लोग अंग्रेजों को बहुत गलत बताते हैं और अंग्रेजों को बहुत बुरा भला कहते हैं। लेकिन महान क्रन्तिकारी समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फूले ने कहा था कि *अंग्रेज शूद्र/अतिशूद्र के लिए भगवान बनकर आये है.* अर्थात दुर्बलो और तिरस्कार किये गये समुदाय के *असली दुश्मन* अंग्रेज नहीं *ब्राह्मण हैं* जिन्होंने इनको शिक्षा ,सत्ता ,सम्पत्ति और सम्मान से दूर रखकर *हजारो साल से शोषण किया है |*
🐫अतः शुद्रो को ब्राह्मणों की धार्मिक गुलामी से मुक्ति चाहिए तो *ब्राह्मणों द्वारा थोपे गए मान्यता परम्परा और संस्कारो को नकारना होगा ।*"
🐫 मैं कुछ जानकारी देना चाहता हूं जरूर पढें ।
कि *अंग्रेजों ने कितने पाखंडों पर रोक लगाने में कामयाबी पायी...*
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१) *रथयात्रा* :- जगन्नाथ में हर तीसरेवर्ष यह यात्रा निकाली जाती है जिसमें स्वर्ग पाने के चक्कर में रथ के पहिये के नीचे आकर सैकडों लोगों की जान चली जाती थी, कानून बनाकर बंद की ।
२) *काशीकरबट* :- काशी धाम में ईश्वर प्राप्ति हेतु विश्वेश्वर के मंदिर के पास कुए में कूद कर जान देते थे बंद कराई गयी ।
३) *चरक पूजा* :- काली के मोक्षाभिलाषी उपासक की रीड की हड्डी में लोहे की हुक फसा कर चर्खी में घुमाया जाता है जबतक कि उसके प्राण न निकल जायें इसे 1863 में कानून बनाकर बंद कराया ।
४) *गंगा प्रवाह* :- अधिक अवस्था बीत जाने पर भी संतान न होने पर गंगा को पहली संतान भेट करने की मनोती पूरी होने पर निष्ठुर होकर जीवित बच्चे को गंगा में बहा देना कितना कठोर काम है 1835 में कानून बनाकर बंद किया ।
५) *नरमेध यज्ञ*:- रिग्वेद के आधार पर अनाथ या निर्धन बच्चे की यज्ञ में बली चढाने की प्रथा को 1845 मे एक्ट 21 बनाकर बंद किया गया ।
६) *महाप्रस्थान* :- पानी में डूब कर या आग मे जलकर ईश्वर प्राप्ती की इच्छा से जान देने की प्रथा भी कानून बनाकर बंद की।
७) *तुषानल* :- किसी पाप के प्रायश्चित के कारण भूसा या घास की आग में जलकर मरने की प्रथा कानुन बनाकर बंद की ।
८) *हरिबोल* :- यह प्रथा बंगाल में प्रचलित थी। मरणासन्न व्यक्ति को जब तक गोते खिलाये जाते थे तब तक वह मर न जाये और हरिबोल के नारे लगाते थे यदि वह नही मरा तो भी उसे वहीं तड़फने के लिए छोड़ देते थे उसे फिर घर नहीं लाते थे 1831 में कानून से बंद की ।
९) *नरबलि* :- अपने इष्ट की प्राप्ती पर अपने ईष्ट को प्रसन्न करने के लिए मानव की सीधी बली को भी अंग्रेजों ने बंद किया पर यह प्रथा यदाकदा आज भी चालू है ।
१०) *सतीदाह* :- पति के मरने पर पति की चिता के साथ जल करमरने की प्रथा को 1841 में बंद किया ।
११) *कन्यावध* :- उडीसा व राजपूताना से कुलीन क्षत्रिय कन्या पैदा होते ही मार देते थे इस भय से कि इसके कारण उन्हे किसी का ससुर या साला बनना पडेगा 1870 में कानून बनाकर बंद की ।
१२ ) *भृगुत्पन्न* :- यह गिरनार या सतपुडा में प्रचलित थी ।
अपनी माताओं की मनौती की कि हे- महादेव! हमें संतान हुई तो पहली संतान आपको भेंट देंगे और इसके तहत नव- युवक अपने को पहाड़ से कूदकर जान देते थे :: कानून बनाकर बंद की ।.
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🐫 ये है कथित हिन्दू धर्म संस्थापको की बनाई कुछ दिल देहलाने, और इंसानियत को शर्मशार करने वाली प्रथायें । जिन पर अंग्रेजी हुकूमत ने बन्दिश लगायी थीं ।
🐫 अंग्रेजी हुकूमत जाति और वर्ण व्यवस्था का खात्मा करते तभी आजादी की मुहिम शुरूआत हुई और यह सामाजिक दंश आज भी प्रचण्य है ।
🐫क्या सभी वर्णो के बुद्धिजीवियों, विचारको को जो हिन्दू धर्म के परिचालन हेतु प्रयास रत हैं, निम्नलिखित खामियों पर समयानुकूल विचार विमर्श नहीं करना चाहिए।
👉🏾हिन्दू धर्म में वर्ण (ब्राह्मण, क्षत्रिय,वैश्य शूर्द)
यानी वर्ण में शूद्र,
शूद्र में जाति,
जाति में क्रमिक उंच नीच...
🐫 और ब्राह्मण के आगे सारे वर्ण य़ानी जन्म से ही क्षत्रिय,वैश्य और शूर्द .............नींच ...
🐫 यह व्यवस्था कायम करते वक्त यह कभी विचार नहीं किया गया होगा , कि ये वर्ण व्यवस्था एक दिन मानवता को कंलकित करेगी , जिसे सुधारने का जितना प्रयास किया जाता है।
अलगाववादी ताकते उससे कयीगुना अधिक जोर से वरकरार रखने की कवायत करने लगती हैं ।
और
इंसानियत की सबसे बड़ी शत्रु वर्ण व्यवस्था ही पक्ष धर बन जाती है ।
🐫 अब तुम्ही सोचो , सभी गर्व से कैसे कहें कि हम हिन्दू हैं ।
🐫 ब्राह्मण क्या ? अन्य वर्ण भी शूर्द को , वो स्थान और अपनत्व नहीं देना चाहते , जो उन्होंने वर्षों से मुस्लिमों और ईसाइयों को सहर्ष दिया हैं और उनसे "रोटी - बेटी" का रिश्ता शदियो पूर्व स्वीकार कर लिया है ।
🐫 तो फिर इन्हें यानी शूर्दो को हिन्दु बनाये रखने की कवायत क्यो ?
और
🐫 शूर्दो के द्वारा भी "घोर अपमानित निम्न स्थान " के वावजूद हिन्दू धर्म और इसकी मान्यताओं को मनाना और इसे अपनाने या त्यागने या त्यागने ना देने की जद्दोजहद क्यों ?, कोन ? किस लिये ? कर रहा है ।
कभी किसी बुद्धिजीवियों ने विचार किया ?
शायद नहीं।
आखिकार क्यों नहीं ??
🐫 क्योंकि , धर्म के परिचालन हेतु बुद्धि हीन भीड़ की जरूरत होती है , जो विना विचारे माने ,समय दे सके और प्रचार प्रसार कर के धर्म स्थलों को व्यापारिक केन्द्र बनवाए / स्थापित करने में सहयोग करें, और जेहाद की स्थिति में आगे आये और कुर्बानी दे सकें।
🐫 इस कार्य में यानी भीड़ जुटाने के लिए चाहे चुनावी रैली हो या धार्मिक समागम :: इस " नाशुर्के कार्य हेतु " शूर्दो का हिन्दू धर्म क्या सभी धर्मों और राजनीतिक दलों मे सर्वोत्तम स्थान प्राप्त है ,एकाधिकार है, यह किसी अन्य वर्ण और जाति को नहीं दिया जाता है ।
🐫 जिस दिन ये भीड़ अपनी " अहमियत " समझ जायेगी , उसी दिन, "जातिवाद "और धार्मिक उन्माद का पोषण ही समाप्त नही हो जायेगा, बल्कि सदियों से हो रहे एक विशाल संप्रदाय का उत्पीड़न, शोषण पर भी अंकुश लग जायेगा !
🐫 इसलिए वक्त रहते धर्म के ठेकेदारों हठधर्मिता, अंधविश्वास, मनगडन्त कथा , कथानक त्यागो, वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनायो, जातिवाद तोड़ो.
..और
समाज जोड़ो.....
..... तभी गर्व से बोलो हम हिन्दू हैं।
🐫 वर्ना विरोध बुलन्दियो पर कुछ यों होगा :-
🌺 *मन्दिर नहीं !
शिक्षा ,रोजगार, घर और परिवार चाहिए*❗
🌺 *धर्म नहीं !
सम्मान, समान अधिकार और भाई चारा चाहिए*
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴 AMIT KATHERIYA 🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
इंटरव्यू या साक्षात्कार में ध्यान देने योग्य बाते
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1. बिना पूछे इंटरव्यू या साक्षात्कार रूम में न घुसे.
2. अपने बायोडाटा या रिज्यूमे को विनम्र तरीके से इंटरव्यूर को दे.
3. इंटरव्यूर के सामने आपने आँख को नीचे न करे (नीचे की तरफ न देखे). आपका अच्छा Eye Contact होना चाहिए.
4. इंटरव्यूर के सामने घबराए नही. आराम से बैठे.
5. यदि इंटरव्यूर आपसे हाथ मिलता हैं तो अच्छी तरह मिलाये. ढीले तरीके से हाथ न मिलाए.
6. चमचमापन, भड़कीला दिखने वाला और बहुत ज्यादा आकर्षक दिखने वाला कपड़ा न पहने. साधारण और सिंपल कपड़े पहने जिसमे आप आरामदायक महसूस करते हैं.
7. इंटरव्यूर के सामने आराम से बैठे और आराम से बाते करे. कुर्सी पर बीच में आराम से बैठे.
8. अपने जीभ से अपने होटो को बार-बार न चाटें.
9. हाथ घड़ी को बार-बार न देखे.
10. मोबाइल को साइलेंट रखे या बंद करके रखे.
11. इंटरव्यूर के प्रश्नों के उत्तर कम-से-कम शब्दों में दे और उचित उत्तर दे.
12. प्रश्नों के उत्तर घुमा-फिरा कर न दे.
13. गलत उत्तर न दे.
14. विचार करके और तार्किक विचारों को पेश करें.
15. प्रश्न को अच्छी तरह सुने और उसके बाद समझे फिर उत्तर दे. उत्तर देने में जल्दबाजी न करे.
16. इंटरव्यू देने से पहले, अपने कम्युनिकेशन स्किल (Communication Skill) को बेहतर बनाए. शीशे के सामने अपने इंटरव्यू की जरूर तयारी करे. अपने आवाज को रिकॉर्ड करके भी देख सकते हैं कि जब आप उत्तर दे रहे हैं तो वह कितना प्रभावी हैं.
17. शिष्टता और आत्मविश्वास बनाए रखें.
18. इंटरव्यू में आप जिस विषय (Topics) पर बात कर रहे हैं उसे तथ्यों और वास्तविक जीवन के उदाहरण (Real-life Example) से जोड़ें.
19. इंटरव्यूर के द्वारा पूछा गया प्रश्न समझ में नही आया तो प्रश्न को विनम्रता पूर्वक दुबारा पूछे.
20. जिस भाषा में आपसे प्रश्न किया जाय, उसी भाषा में उत्तर देने की कोशिश करे. यदि आपकी उस भाषा पर अच्छी पकड़ नही हैं तो जिस भाषा को आप जानते हैं इंटरव्यूर से इजाजत लेकर उस भाषा में उत्तर दे सकते हैं. उदाहरण के लिए अधिकत्तर टेक्निकल प्रश्न इंग्लिश में पूछे जाते हैं परन्तु आप इंग्लिश में अच्छी तरह एक्सप्लेन (Explain) नही कर सकते तो, हिंदी का प्रयोग कर सकते हैं क्योकि यहाँ पर आपकी टेक्निकल स्किल्स (Technical Skills) को देखा जाता हैं. समय की अनुसार निर्णय ले.
21. यदि आप प्राइवेट जॉब इंटरव्यू (Private Job Interview) दे रहे हैं और फ्रेशर (Fresher) हैं तो इंटरव्यू के अंत में अपना फीडबैक (Feedback) जरूर ले. इसे विनम्रता पूर्वक पूछे. इससे आप अपने इंटरव्यू की कमियों के बारे में पता चलेगा.
22. यह इंटरव्यू का बहुत महत्वपूर्ण तथ्य हैं. आप हमेशा इमानदारी से सही उत्तर दे, क्योकि गलत उत्तर को इंटरव्यूर बड़ी आसानी से समझ लेते हैं और आपको उसी उत्तर में फ़साते भी हैं. सच बोलने से न डरे परिणाम चाहे जो भी हो. सच बोलने वाले कैंडिडेट को जॉब के लिए जयादा महत्व दिया जाता हैं.
23. उचित समय पर ही अपने ज्ञान का प्रदर्शन करे और ज्यादा स्मार्ट बनने की कोशिश न डरे. केवल स्मार्ट उत्तर दे अन्यथा जो आपसे पुछा जाय उसी का उत्तर दे.
24. ऑनलाइन सर्च (Online Search) करके इंटरव्यू (Interview) में पूछे जाने वाले प्रश्नों का लिस्ट बनाए और उनका उत्तर देने का अभ्यास करे.
25. इंटरव्यू के अंत में “Thank you” जरूर बोले.                                     ...........AMIT KATHERIYA 



शनिवार, 4 नवंबर 2017

AMIT KATHERIYA'S SOME LINE.....................



'' माँ ''                                                                                                                                                             "मनुष्य का शरीर सिर्फ 45 del (यूनिट) तक का ही दर्द
सहन कर सकता है ।
पर बच्चे को जन्म देते समय एक माँ को 57 del (यूनिट) तक
का दर्द
होता है ।"

यह 20 हड्डियों के एक साथ टूटने के बराबर है ।
जिसने आपके लिये इतना दर्द सहा हो, उसके दिल
को कभी दर्द मत देना मित्रो ।
आपको निस्वार्थ भाव से चाहने
वाला शुभचिंतक आपकी माँ से बढकर कोई नहीं हो सकता.
''प्यार''                                                                                                                                                                                                    प्यार वो हैं...
जब माँ रात को आती है और कहती हैं~>
"सोजा बाकी सुबह उठ कर पढ़ लेना"
प्यार वो हैं ...
जब हम tution से वापस आये और पापा कहे->
"बेटा लेट होने वाले थे तो कॉल कर देते"
प्यार वो है....
जब भाभी कहेती हैं ->>
"ओये हीरो;
लड़की पटी की नही"
प्यार वो हैं....
जब बहन कहती हैं->>
"देखूंगी मेरी शादी के बाद तेरा काम कौन करेगा"
प्यार वो हैं....
जब हम निराश हो और भाई आकर कहे-->>>
"चल नौटंकी कही घुमने चलते हैं"
प्यार वो है...
जब दोस्त कॉल करके कहे--->>
"ओये कमीने जिन्दा हैं या मर गया"
यह है सच्चा प्यार।
इसे अपने जीवन मैं बिलकुल भी ना गवाएं;प्यार केवल गर्ल फ्रेंड या बॉय फ्रेंड होना ही नही हैं।
यह प्यार उससे भी ऊपर हैं।.......#AMIT

प्रत्येक लाइन गहराई से पढ़े-

✅ गरीब दूर तक चलता है..... खाना खाने के लिए......।
✅ अमीर मीलों चलता है..... खाना पचाने के लिए......।
✅ किसी के पास खाने के लिए..... एक वक्त की रोटी नहीं है.....
✅ किसी के पास खाने के लिए..... वक्त नहीं है.....।
✅ कोई लाचार है.... इसलिए बीमार है....।
✅ कोई बीमार है.... इसलिए लाचार है....।
✅ कोई अपनों के लिए.... रोटी छोड़ देता है...।
✅ कोई रोटी के लिए..... अपनों को छोड़ देते है....।
✅ ये दुनिया भी कितनी निराळी है। कभी वक्त मिले तो सोचना....
✅ कभी छोटी सी चोट लगने पर रोते थे.... आज दिल टूट जाने पर भी संभल जाते है।
✅ पहले हम दोस्तों के साथ रहते थे... आज दोस्तों की यादों में रहते है...।
✅ पहले लड़ना मनाना रोज का काम था.... आज एक बार लड़ते है, तो रिश्ते खो जाते है।
✅ सच में जिन्दगी ने बहुत कुछ सीखा दिया, जाने कब हमकों इतना बड़ा बना दिया।
जिंदगी बहुत कम है, प्यार से जियो
AJEEB HAI NA"

Rs.20 Ka NOTE Bahot ZYADA Lagta Hai Jab Garib Ko Dena Ho,
Magar HOTEL Mein TIP Dena Ho To Bahot KAM Lagta Hai.

3 Minute Ke Liye KHUDAA Ko YAAD Karna Kitna MUSHKIL Hai,
Magar 3 Hours KI FILM Dekhna AASAAN.

Poore Din MEHNAT Ke Baad GYM Jaane Se Nehi THAKTE,
Magar Jab MAA-BAAP Ke PAIR DABANA Ho To HUM THAK Jaate Hain.

VALENTINE's DAY Ke Liye HUM Poora SAAL Intizar Karte Hain,
Magar MOTHER's DAY Kab Hai hume Pata Hi Nahin.

EK ROTI NAHI DE SAKA KOI US MASOOM BACHHE KO LEKIN,
WO TASWEER LAKHON ME BIK GAYI JISME ROTI KE LIYE WO BACHHA UDAS BETHA THA

Iss Message Ko Forward Karna Bahut MUSHKIL Hoga,

Jabki FIZOOL Ke JOKE's Ko FORWARD Karna HUMARA FARZ Ban jata Hai.

AJEEB HAI NA…?

Forward to all ur contact's :

"Dil Pe Lagegi Tabhi To Baat Banegi"
*MAA. MAA. MAA
Ek Aisi Hasti Hai*

*SAMANDAR NE KAHA*

MAA
Ek Aisi Hasti Hain
Jo Aulad Ke Lakho Raaz.
Apne Seene Mein.
Chhupa Leti Hain.
_________________________

*Dua NE KAHAN*

MAA
Wo Shaksiyat Hain
Jo Har Waqt
Aulad Ke Liye Dua
Mangti Rehti Hain
_________________________

*JANNAT NE KAHAN*

MAA
Wo Hasti Hain
Jo Main Bhi Uske
Qadmon Tale Hoon
_________________________

*GHAR NE KAHAN*

MAA
Wo Hasti Hain
Jiske Bagair Main.
Kabristaan Hoon
_________________________

*KHUSHBU NE KAHAN*

MAA
Wo Hasti Hain
Jiske Khushbu
Se Sara Jahan
Mahek Uthta Hain
_________________________

*Allah Tala Ne Farmaya*

MAA
Wo Shaksiyat Hain
Jo Meri Taraf Se
Nayab Tohfa Hain
_________________________

VALUE & RESPECT UR
M O T H E R
A. L. W. A. Y. S

Agar internet free ho
to iss msg ko itna
felao Jitna aap
apni Maa se pyar
Karte ho..ek Msg
Maa k Nam................................युवा समाजसेवी विचारक व चिंतक अमित कठेरिया


गुरुवार, 21 सितंबर 2017

मन को शान्त रखने के सूत्र ....................
....................AMIT KATHERIYA

The Dhanuk of India :


In an age of diversity, there are still groups of people that are still 100 percent Hindu—people like the Dhanuk of India. The Dhanuk are spread across India, Nepal, Bangladesh and Pakistan.
Hardworking people, they commonly make their living as household workers for affluent families or in agriculture. A minority nationality, the Dhanuk have no land to call home. Their customs and culture holds them together as a people group. They live and work among people who have responded to the gospel, but these believers have not yet influenced them.
Pray that God would pour out His spirit on the Dhanuk people and that they would see dreams and visions of Jesus. Pray that they would be powerfully saved and empowered to be His witnesses (Joel 2:28-32).
 .......................AMIT KATHERIYA

https://katheriyadhanuksamaj.blogspot.in

योग की कुछ 100 जानकारी जिसका ज्ञान सबको होना चाहिए

1.योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है। 2. लकवा - सोडियम की कमी के कारण होता है । 3. हाई वी पी में - स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन ...